बाईसीवाला विद्यालय में बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन का समापन

 बाईसीवाला विद्यालय में बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन का समापन—एक पूरी तस्वीर

मार्च की हल्की ठंड में स्कूल 22 का कैंपस एक अलग ही सुकून में था। गलियारों में कॉपियों की गड्डियाँ नहीं, बल्कि रिपोर्ट-कार्ड की तैयारी की आहट थी। इस साल यहाँ 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएँ और **5वीं-8वीं का वार्षिक संग्रहण-मूल्यांकन**—दोनों ही बिना किसी बाधा के पूरे हुए।

10वीं/12वीं: शांत परीक्षा, सतर्क निगरानी
छात्रों ने राज्य/केंद्रीय बोर्ड के तय कार्यक्रम पर लिखित पेपर दिए। स्कूल ने नकल-रोधी उपायों पर जोर दिया—एकल प्रवेश-प्वाइंट, पर्यवेक्षकों की लगातार मौजूदगी और रैंडम चेकिंग। CCTV कैमरे नहीं थे, फिर भी अनुशासन बना रहा क्योंकि कक्षाओं में शिक्षकों की सक्रिय निगरानी रही। परीक्षा-समाप्ति के दिन बच्चों के चेहरों पर थकान के साथ राहत भी साफ़ झलक रही थी।

5वीं-8वीं: संग्रहण से स्कैनिंग तक
फरवरी अंत तक लिखित परीक्षा ख़त्म होने के बाद उत्तर-पत्रों को ब्लॉक स्तर पर एकत्र किया गया। मार्च के पहले पखवाड़े में मूल्यांकन चला:
शिक्षक/बाहरी मूल्यांकनकर्ता प्रतिदिन 40-50 कॉपियाँ जाँचते रहे।
स्कैनिंग और ऑनलाइन एंट्री का काम युद्ध-स्तर पर चला; शून्य या 90+ अंक वाली कॉपियों की दोबारा जाँच अनिवार्य थी।
स्थानीय अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किए और 14 मार्च तक परिणाम पोर्टल पर अपलोड करने की समय-सीमा दी गई थी। 【28ac】【14f3】

ज़मीन से जुड़ी झलक
मूल्यांकन प्रक्रिया के बीच कक्षा 5-8 के बच्चों ने विज्ञान प्रोजेक्ट "दिन-रात चक्र" भी प्रदर्शित किया, जिसने पढ़ाई को जीवंत बना दिया। शिक्षकों ने बताया कि स्कैनिंग के बाद डेटा एंट्री में त्रुटि-रहित रखने के लिए दोहरी जाँच कारगर रही। 【7a94】

अब आगे क्या
रिपोर्ट-कार्ड छप रहे हैं, अभिभावक-शिक्षक बैठकें प्रस्तावित हैं, और अगले सत्र की पाठ-योजना पर चर्चा शुरू हो गई है। स्कूल 22 के लिए यह समापन सिर्फ कागज़ों का नहीं, बल्कि एक पूरे शैक्षणिक चक्र की साँस-भर विश्राम का क्षण है—जहाँ छात्र, शिक्षक और प्रशासन सभी ने मिलकर एक जटिल प्रक्रिया को सुचारु रूप से निबाहा।

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